Saturday, 31 January 2009

अश्कों के सितारे

तमन्नाओं के बहलावे में अक्सर आ ही जाते हैं
कभी हम चोट खाते हैं कभी हम मुस्कुराते हैं

हम अक्सर दोस्तों की बेवफ़ाई सह तो लेते हैं
मगर हम जानते हैं दिल हमारे टूट जाते हैं

किसी के साथ जब बीते हुए लम्हों की याद आयी
थकी आँखों में अश्कों के सितारे झिलमिलाते हैं ...

No comments:

Post a Comment