तमन्नाओं के बहलावे में अक्सर आ ही जाते हैं
कभी हम चोट खाते हैं कभी हम मुस्कुराते हैं
हम अक्सर दोस्तों की बेवफ़ाई सह तो लेते हैं
मगर हम जानते हैं दिल हमारे टूट जाते हैं
किसी के साथ जब बीते हुए लम्हों की याद आयी
थकी आँखों में अश्कों के सितारे झिलमिलाते हैं ...
Saturday, 31 January 2009
Friday, 30 January 2009
Wednesday, 28 January 2009
Tuesday, 27 January 2009
Friday, 23 January 2009
Wednesday, 21 January 2009
कुछ भी नहीं
सोचा नहीं अच्छा बुरा, देखा सुना कुछ भी नहीं
माँगा खुदा से रात दिन, तेरे सिवा कुछ भी नहीं ...
माँगा खुदा से रात दिन, तेरे सिवा कुछ भी नहीं ...
Sunday, 18 January 2009
Friday, 16 January 2009
Thursday, 15 January 2009
Wednesday, 14 January 2009
Tuesday, 13 January 2009
Monday, 12 January 2009
कश्मकश
कश्मकशों का दौर कुछ ऐसा चला, ऐ दोस्त
सुलझाते रहे मसाइल, ज़िन्दगी उलझ गई ...
कस्में वादे प्यार वफ़ा सब
लफ्ज़ों के सिवा कुछ भी तो नहीं ...
सुलझाते रहे मसाइल, ज़िन्दगी उलझ गई ...
कस्में वादे प्यार वफ़ा सब
लफ्ज़ों के सिवा कुछ भी तो नहीं ...
Sunday, 11 January 2009
Saturday, 10 January 2009
Friday, 9 January 2009
Wednesday, 7 January 2009
सितारों तुम तो सो जाओ
तुम्हें क्या, आज भी कोई अगर मिलने नहीं आया
ये बाज़ी हम ने हारी है, सितारों तुम तो सो जाओ
हँसो और हँसते हँसते डूब जाओ खलाओं में
हमीं पर रात भारी है, सितारों तुम तो सो जाओ
हमें भी नींद आ जायेगी, हम भी सो ही जायेंगे
अभी कुछ बेकरारी है, सितारों तुम तो सो जाओ ...
ये बाज़ी हम ने हारी है, सितारों तुम तो सो जाओ
हँसो और हँसते हँसते डूब जाओ खलाओं में
हमीं पर रात भारी है, सितारों तुम तो सो जाओ
हमें भी नींद आ जायेगी, हम भी सो ही जायेंगे
अभी कुछ बेकरारी है, सितारों तुम तो सो जाओ ...
Tuesday, 6 January 2009
आदाब
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं
एक दोस्त है कच्चा पक्का सा
जज़्बात को धाम्पे एक परदा
बस एक बहाना अच्छा सा
जीवन का ऐसा साथी है
जो दूर बहुत है पास नहीं
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं.....
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं
एक दोस्त है कच्चा पक्का सा
जज़्बात को धाम्पे एक परदा
बस एक बहाना अच्छा सा
जीवन का ऐसा साथी है
जो दूर बहुत है पास नहीं
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं.....
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