Saturday, 31 January 2009

अश्कों के सितारे

तमन्नाओं के बहलावे में अक्सर आ ही जाते हैं
कभी हम चोट खाते हैं कभी हम मुस्कुराते हैं

हम अक्सर दोस्तों की बेवफ़ाई सह तो लेते हैं
मगर हम जानते हैं दिल हमारे टूट जाते हैं

किसी के साथ जब बीते हुए लम्हों की याद आयी
थकी आँखों में अश्कों के सितारे झिलमिलाते हैं ...

Friday, 30 January 2009

एहसान

दुख दर्द दिए और तड़पने की अदा दी
हम पर तो किसी शख्स के एहसान बहुत हैं ...

Wednesday, 28 January 2009

कैसे हैं

जिनसे हम छूट गए, वो जहां कैसे हैं
वो मकीं कैसे हैं, शीशे के मकां कैसे हैं ...

Tuesday, 27 January 2009

अनमोल

मैं एक आँसू ही सही, हूँ मगर अनमोल फ़राज़
यूँ ना पलकों से गिरा कर मुझे मिट्टी में मिला ...

Friday, 23 January 2009

और भी हैं

एहले दिल और भी हैं एहले वफ़ा और भी हैं
एक हम ही नहीं, दुनिया से खफ़ा और भी हैं ...

Wednesday, 21 January 2009

नज़र

ले दे के अपने पास फ़क़त एक नज़र तो है
क्यों देखें जिंदगी को किसी की नज़र से हम ...

कुछ भी नहीं

सोचा नहीं अच्छा बुरा, देखा सुना कुछ भी नहीं
माँगा खुदा से रात दिन, तेरे सिवा कुछ भी नहीं ...

Sunday, 18 January 2009

हद

जिस की ख़ातिर सारी हदें तोड़ दीं फ़राज़
आज उसी ने कह दिया, ज़रा हद में रहा करो ...

Friday, 16 January 2009

मसरूफ़ियत

नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की
तेरी यादें, तेरी बातें, बहुत मसरूफ़ रखती हैं ...

Thursday, 15 January 2009

शर्त

इस शर्त पे खेलूँगी पिया प्यार की ये बाज़ी
जीतूँ तो तुझे पाऊँ, हारी तो पिया तेरी ...

Wednesday, 14 January 2009

हम और आप

बिन आपके जीने के गुनहगार हम हैं पर
मेरे बिना जीने के पशेमाँ नहीं हैं आप ...

Tuesday, 13 January 2009

परेशां

अपनी हालत का तो एहसास ही नहीं मुझ को
मैं ने औरों से सुना है के परेशां हूँ मैं ...

Monday, 12 January 2009

कश्मकश

कश्मकशों का दौर कुछ ऐसा चला, ऐ दोस्त
सुलझाते रहे मसाइल, ज़िन्दगी उलझ गई ...


कस्में वादे प्यार वफ़ा सब
लफ्ज़ों के सिवा कुछ भी तो नहीं ...

Sunday, 11 January 2009

मुकम्मिल

अपने एहसास से छू कर मुझे संदल कर दो
मैं सदियों से अधूरा हूँ मुकम्मिल कर दो ...

Saturday, 10 January 2009

मेरी ख़ातिर

मैं दूसरों के लिए जला दिया बनके
मेरी ख़ातिर मेरी तकदीर में कुछ था ही नहीं ...

Friday, 9 January 2009

तल्खियां

तल्खियां कैसे न हों अशार में
हम पे जो गुजरी है, हम को याद सब ...

इन्तहा

कोई पूछे बदनसीबी की है इन्तहा भी कोई
तो मेरी मिसाल देना, तो मुझे नमूना करना ...

Wednesday, 7 January 2009

चाहत

हमें ये गुमान के चाहा हमें ज़माने ने
अज़ीज़ सब को थे मगर ज़रूरतों की तरह ...

सितारों तुम तो सो जाओ

तुम्हें क्या, आज भी कोई अगर मिलने नहीं आया
ये बाज़ी हम ने हारी है, सितारों तुम तो सो जाओ

हँसो और हँसते हँसते डूब जाओ खलाओं में
हमीं पर रात भारी है, सितारों तुम तो सो जाओ

हमें भी नींद आ जायेगी, हम भी सो ही जायेंगे
अभी कुछ बेकरारी है, सितारों तुम तो सो जाओ ...

Tuesday, 6 January 2009

आदाब

कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं
एक दोस्त है कच्चा पक्का सा
जज़्बात को धाम्पे एक परदा
बस एक बहाना अच्छा सा
जीवन का ऐसा साथी है
जो दूर बहुत है पास नहीं
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं.....